Tuesday, 3 July 2018

ताजमहल बनाने वाले मज़दूरों के हाथ काटने की 'कहानी' का सच क्या है, आप भी जानिए

दोस्तो आप सबने कई बार किसी न किसी मे मुह से ताजमहल कोलेकर यह कहानी तो जरूर सुनी होगी कि शाहजहां ने ताजमहल बनाने वाले मज़दूरों के हाथो को काट दिया गया था. और यही नहीं बल्कि इसके साथ एक और किस्सा ये भी है कि एक मज़दूर ने हाथ काटने से पहले ताजमहल की छत पर एक छेद कर दिया था जिससे आज भी कब्र पर पानी टपकता है. हो सकता है यह कहानी आपको आपकी दादी या दादा ने सुनाई हो और आप इस कहानी को सच भी मानते हो पर दोस्तो हम आपको बता दे कि ये कहानी बिलकुल भी सच नहीं है आज हम आपको बताते है की आखिर इस कहानी का सच क्या है।tajmahal-banane-wale-majduro-ke-hath-katne-ka-sach-kiya-hai
नजफ हैदर बताते हैं कि इस कहानी में बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है. और वह कहते हैं, ''हम ये क्यों नहीं सोचते है कि अगर शाहजहां को हाथ काटने होते तो वो उन लोगों के काटता जिनकी ताजमहल की कारीगरी में मुख्य भूमिका निभाई थी, जो इस ताजमहन के उस्ताद थे. शाजहां को मजदूरों के हाथ काटकर क्या मिलने वाला था. आपको बता दे की उस समय में मज़दूरों को उनकी पूरा मेहनताना देकर काम कराया गया था. और इसके प्रमाण भी उपलब्ध हैं। ताजमहल को बनाने बाले कारीगर और मजदूरो को उनकी जिंदगी भर कि कमाई इनाम में देकर उनको काम ना करने को बोला गया था न कि उनके हाथ कटे गए थे। tajmahal-banane-wale-majduro-ke-hath-katne-ka-sach-kiya-hai
उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की कहानियां गाइड की गढ़ी हुई हैं. उनके पास ताजमहल के बारे में बताने के लिए कुछ नया नहीं होता था, और ऐसे में वो तजमाहा को देखने वाले टूरिस्ट को आकर्षित करने के लिए अपने मन से ही नई-नई कहानियां गढ़ते थे आपको क्या लगता है यह बात सच है आप हमे कमेंट करके जरूर बताना शुक्रिया। 

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