Saturday, 7 July 2018

History of Rani Padmavati रानी पद्मावती का इतिहास

आज कल तो इतिहास के लोगों पर फिल्में बनाने का चलन हो गया है. और भारत के इतिहास पर तो पहले से ही कई सारी फिल्मे बन भी चुकी है और अब एक और इतिहास पर फिल बनी है जिसका नाम है रानी पद्मावती इस फिल्म की शूटिंग के समय से ही इस पर कई सारे विवाद चल रहे थे तो दोस्तो जानिए पद्मावती के बारे में कुछ बातें जानिए जो आप नहीं जानते होगे।Image result for padmavati original image

1.रानी पद्मावती के ऊपर एक फिल्‍म भी बन चुकी है जिसका नाम पद्मावत है इस फिल्म का निर्माता संजय लीला भंसाली ने किया था और यह फिल्म कई सारे विवादों के बाद रिलीज हुई थी। 

2. महारानी पद्मावती की कहानी साल 1540 में मुगलकाल के प्रख्यात भारत के बड़े कवि मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा लिखे गये महाकाव्‍य में कही गयी है.

3. रानी पद्मावती चित्‍तौड़ के राजा रावल रतन सिंह की रानी थीं जो महारानी पद्मावती अपने सौन्दर्य के लिए बहुत प्रसिद्ध थीं.

4. राजा महाराजा के पुराने जमाने में स्‍वंयवर एक प्रतियोगिता होती थी जो की कन्‍या पक्ष के द्वारा आयेाजित की जाती थी. और इस प्रतियोगिता को जीतने वाला कन्या से विवाह योग्य माना जाता था. और रानी पद्मावती से राजा रावल रतन सिंह ने स्‍वंयवर प्रतियोगिता जीतकर ही उनसे शादी की थी.

5. महारानीरानी पद्मावती के पिता का नाम गंधार्व्सेना और उनकी माता का नाम चम्पावती था.

6. आपको बता दे की महारानी के पास एक बोलने वाला तोता भी था और रानी ने इस तोते का नाम हीरामणि रखा था.

7. राजा रावल रतन सिंह एक बहादुर योद्धा और राजा थे और उनके दरबार में एक राघव चेतन नामक संगीतकार था और संगीतकार के साथ साथ एक बड़ा जादूगर भी था.

8. किसी कारणवश राजा रावल रतन सिंह ने जादूगर राघव चेतन को देश से बाहर निकाल दिया और इसके बाद वह संगीतकार अपने अपमान का बदला लेने के लिए दिल्ली के सुल्‍तान अलाउद्दीन खिलजी से जाकर मिल गया था.

9. उस संगीतकार ने रानी पद्मावती की अद्भुत सुन्‍दरता के बारे में अलाउद्दीन खिलजी को बताया तो सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के मन में रानी पद्मावती को देखने की इच्‍छा जाहिर होने लगी.

10. उसने राजा रावल रतन सिंह को एक संदेश भिजवाया कि दिल्ली के सुल्‍तान अलाउद्दीन खिलजी रानी पद्मावती को देखना चाहते है लेकिन रानी पद्मावती ने एसा करने से साफ मना कर दिया.

12. लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही राजा के कहने पर रानी अपना चेहरा दिखने को तैयार हो गई लेकिन रानी ने एक शर्त रखी थी कि वह दिल्ली के सुल्‍तान अलाउद्दीन खिलजी को अपना चेहरा सिर्फ दर्पण में ही दिखायेंगी यह बात सुनकर इसपर अलाउद्दीन खिलजी तैयार हो गया.

13. जब अलाउद्दीन खिलजी ने रानी पद्मावती का चेहरा देखा तो बह दीवाना हो गया उनका और उसने अपने मन मे रानी को अपना बनाने की ठान ली.

14. सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी ने रानी के पति राजा रावल रतन सिंह को बंदी बना लिया और एक शर्त रखी कि तुम्‍हें अगर अपना राजा चाहिए तो रानी पद्मावती को मुझे सौंप दो और अपने राजा को छुड़ा लो.

15. लेकिन राजा रावल रतन सिंह की सेना ने यह स्‍वीकार नहीं किया और राजा की सेना ने अलाउद्दीन खिलजी से युद्ध किया.


16. लेकिन जब राजा की सेना सुल्तान की सेना से हारने लगी तब पद्मावती अपने और अपनी प्रजा की रक्षा के लिए महिलाओं को साथ लेकर एक बड़ी जलती आग में कूद गई थीं जिसे की राजपूतों में जौहर भी कहा जाता है. और आपको बता दे की जौहर-आत्मसम्मान की एक प्रथा राजा महाराजा के जमाने मे जौहर एक ऐसी क्रिया होती थी जिसमें राज्‍य की हार होने पर हर्णे वाले राज्य की स्त्रियां अपनी इच्‍छा से आग के एक बड़े से कुण्‍ड में कूदकर अपनी जान दे देती थीं.

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