Saturday, 14 July 2018

पंडित अपने सिर पर चोटी क्यू रखते है जाने आप भी इसका इतिहास

दोस्तो यह बात तो आपने किसी किताब मे या फिर किसी न किसी के मुह से सुनी ही होगी की प्राचीन काल में सभी ब्राह्मण अपने सिर पर चोटी रखते थे और आज के समय मे धीरे-धीरे ये प्रथा कम हो गई है. दोस्तो आज की जो युवा पीढ़ी है बो इसे बस एक रूढ़ीवादी सोच ही मानती है और यही कारण है की आज के समय मे बहुत कम पुरूष ही सिर पर चोटी रखते हैं। हम आपको बता दें कि ये कोई अंधविश्वास नहीं है। पुरूषों द्वारा सिर के बीच में एक चोटी रखा जाना धार्मिक मान्यता को तो दर्शाता ही है और इसके साथ साथ इसके पीछे और वैज्ञानिक कारण भी छिपे हैं जो आप नहीं जानते होगे तो दोस्तो आइए आपको बताते हैं इसके बारे में। Image result for pandit choti

यह बात तो आपको पता ही होगी की सिर में सहस्रार के स्थान पर ही चोटी रखी जाती है अर्थात सिर के सभी बालों को काटकर बीचोबीच के स्थान के कुछ हिस्से के बालो को छोड़ दिया जाता है क्या आपको पता की लोगो का यह भी मानना है की इस स्थान के ठीक 2 से 3 इंच नीचे आत्मा का स्थान होता है। लेकिन बही भौतिक विज्ञान के अनुसार यह स्थान हमारे मस्तिष्क का केंद्र है।pandit sar par choti kyu rakhte hai

विज्ञान के अनुसार यह शरीर के अंगों, बुद्धि और मन को नियंत्रित करने का स्थान भी माना जाता है। और इस स्थान पर चोटी रखने पर मस्तिष्क का सही संतुलन बना रहता है। शिखा रखने से इस सहस्रार चक्र को जागृत करने और हमारे शरीर, की बुद्धि व मन पर नियंत्रण करने में भी इससे सहायता मिलती है। और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सहस्रार चक्र का आकार एक गाय के पेर के खुर के समान होता है और इसीलिए चोटी का आकार भी गाय के खुर के बराबर ही रखा जाता है।

0 comments: