Monday, 9 July 2018

अकबर से लेकर शाहजहाँ तक, मुगलकाल में क्या थे तलाक के नियम What were the laws of divorce in the Mughal period

मुस्लिम महिलाओं को तलाक मुक्ति करने के लिए लड़ी गई एक लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही कहते हुए तलाक को असंवैधानिक करार देते हुए इस पर रोक लगा दी. लेकिन क्या आप जानते है की तीन तलाक की जो स्थिति आज है क्या वही स्थिति प्राचीन मुगलकाल यानी की अकबर, बाबर और औरंगजेब जैसे राजा लोगो के समय में भी थीं दोस्तो आज यह बात ही जानने के लिए एक बार फिर हम आपको वापस इतिहास में लेकर चलते हैं आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने बाले है जो अप पहले से नहीं जानते होगे यह सब बाते जानकार आप हैरान हो जाओगे  तो चलिये जानते है। talak niam


जहांगीर ने लगाई थी इस पर रोक

20 जून साल 1611 को जहांगीर ने भी तलाक़ की घोषणा को अवैध करार दिया गया था और वहां मौजूद काज़ी ने इसकी अनुमति भी दी थी दोस्तो आपको यह बात जानकर बहुत हैरानी होगी कि उस दौर में पत्नी की ओर से ‘खुला’ या तलाक़ का भी चलन चलता था। 

निकाहनामे के भी होते थे कुछ नियम

दोस्तो उस दौर में प्रचलित निकाहनामे मे ऐसे चार नियम रहे थे जिनका निकाहनामों में ज़िक्र भी किया गया था या फिर उनका हवाला भी दिया गया था. और दोस्तो बी नियम यह थे। 
1. घर मे मौजूदा बीवी के रहते शौहर दूसरी शादी नहीं कर सकता। 
2. और शौहर अपनी बीवी को नहीं पीटेगा या फिर मरेगा। 
3. शौहर अपनी बीवी से ज्यादा लंबे समय तक दूर नहीं जा सकता और इस दौरान भी उसे अपनी बीवी के गुजर बसर का पूरा इंतज़ाम करना पड़ेगा। 
4. और शौहर को अपनी पत्नी के रूप में कोई दासी को रखने का अधिकार बिलकुल भी नहीं होगा। 
निकाहनामे को तोड़ने के भी होते थे यह कुछ नियम पहली तीन शर्तों के टूटने की स्थिति में, शादी को ख़त्म घोषित किया जाता है, लेकिन चौथी शर्त में ये अधिकार बीवी के पास ही होता था कि वो उस दासी को ज़ब्त करने के बाद उसको आज़ाद कर दे या फिर उसको बेच दे और हाँ शौहर से जो मिलने वाले मेहर के बदले ये राशि लेनी होगी। 
आपको बता दे की बादशाह शाहजहां के प्रधान मंत्री आसिफ़ ख़ान की बेटी मिसरी बेगम की शादी मिर्ज़ा जरुल्लाह से की गई थी लेकिन किसी कारण बादशाह जरुल्लाह से नाराज़ हो गया और मिसरी बेगम की शादी ख़त्म करके उनकी दूसरी शादी मिर्ज़ा लश्करी से कराने का आदेश दिया गया और और अब हम आपको बता दे की ये पूरी प्रक्रिया तीन तलाक़ से ही अमल में लायी गई थी। 

0 comments: