Sunday, 3 June 2018

क्या आप जानते हो भारत में sunday की छुट्टी क्यू होती है और किस व्यक्ति ने हमें ये छुट्टी दिलाई थी

दोस्तो जिस व्यक्ति की वजह से हमें ये सनडे की छुट्टी हासिल हुयी है, उस महापुरुष का नाम है नारायण मेघाजी लोखंडे नारायण मेघाजी लोखंडे ये जोतीराव फुलेजी के सत्यशोधक आन्दोलन के कार्यकर्ता थे। और साथ साथ कामगार नेता भी थे। अंग्रेजो के समय में हफ्ते के सातो दिन मजदूरो और काम करना पड़ता था। लेकिन नारायण मेघाजी लोखंडे जी का ये मानना था की, हफ्ते में सात दिन हम अपने परिवार के लिए काम और मेहनत करते है। लेकिन जिस समाज की बदौलत हमें नौकरिया मिली है, उस समाज की समस्या छुड़ाने के लिए हमें एक दिन की छुट्टी मिलनी चाहिए। sunday ko chutti
इस छुट्टी के लिए उन्होंने अंग्रेजो के सामने 1881 में प्रस्ताव रखा। पर अंग्रेज ये प्रस्ताव मानने के लिए राज़ी नहीं थे। इसलिए आख़िरकार नारायण मेघाजी लोखंडे जी को इस sunday की छुट्टी के लिए 1881 में आन्दोलन करना पड़ा। ये और दोस्तो ये आन्दोलन दिन-ब-दिन बढ़ते गया करीब 8 साल तक ये आन्दोलन चला। आखिरकार 1889 में अंग्रेजो को sunday की छुट्टी का ऐलान करना ही पड़ा। ये है इसका इतिहास। sunday
हम और आप इसके बारे में जानते है अनपढ़ लोगो को छोड़ो क्या पढ़े लिखे लोग भी इस बात को जानते है जहा तक मेरी समझ है, पढ़े लिखे लोग भी इस बात को नहीं जानते है और अगर जानते होते तो sunday के दिन enjoy नहीं करते बल्कि समाज का काम करते और हाँ अगर समाज का काम ईमानदारी से करते तो समाज में भुखमरी, बेरोजगारी, बलात्कार, गरीबी, लाचारी जैसी समस्या नहीं होती या बहुत कम होती दोस्तो इस sunday की छुट्टीपर हमारा सबका हक़ नहीं है, इसपर समाज का हक़ है। Related image
पर कोई बात नहीं, आज तक हमें और आप को ये मालूम नहीं था लेकिन अगर आज हमें और आप को मालूम हुआ है तो आज से ही sunday का ये दिन सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित करें शुक्रिया

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