Tuesday, 5 June 2018

गिरगिट के रंग बदलने के पीछे का रहस्य आप भी जन लो गिरगिट रंग कैसे बदलता है

दोस्तो ये तो आप आप को पता ही होगा कि गिरगिट रंग बदलकर अपने माहौल में अच्छी तरह से ढल जाते हैं और आस-पास के माहौल में बिल्कुल दिखाई नहीं देते हैं लेकिन क्या दोस्तो आपको ये पता है कि गिरगिट आखिर ऐसा क्यों करते हैं और क्यों वो अपना रंग बदलते रहते हैं किया आप को पता है आपको शायद नहीं पता होगा, तो चलिए कोई बात नहीं हम आपको बताते हैं कि गिरगिट आखिर ऐसा क्यों करते हैं और क्यू भ अपना बदलते है और कैसे बदलते है। Related image
दोस्तो आप ने वो कहावत तो सुनी ही होगी 'गिरगिट की तरह रंग बदलना', और अक्सर लोग इस कहावत का इस्तेमाल करते हैं और ये तो आप जानते ही होंगे कि ये कहावत किन लोगों के लिए इस्तेमाल की जाती है ये कहावत उन लोगों के लिए इस्तेमाल की जाती है जो अपने स्वभाव में परिवर्तन ये आते हैं ठीक उसी तरह गिरगिट भी अपनी सुरक्षा के लिए ही अपना रंग बदलते हैं जी हां आप ने सही सुना गिरगिट अपना रंग बदलते रहते हैं, दरअसल ये ऐसा इस लिए करते हैं कि ये शिकारियों के अपनी सुरक्षा कर सकें इसी के साथ ही ये ऐसा शिकार करते हुए भी करते हैं जिससे इनका शिकार इनके होने का आभास नहीं कर पाता और इनके पास चला आता है। गिरगिट
और अब सवाल ये उठता है कि गिरगिट अपना रंग कैसे बदलता है तो हम आप को बता दे दरअसल इनकी त्वचा में कुछ विशेष प्रकार की रंजक कोशिकाएं होती हैं, जो तापमान के घटने और बढ़ने के साथ-साथ सिकुड़ती और फैलती हैं गिरगिट के शरीर से कुछ हार्मोन्स के स्त्रावित होने पर ये कोशिकाएं उत्तेजित हो जाती हैं और रंग बदलने लगती है त्वचा में ऊपर से नीचे की ओर पीली, गहरी भूरी, काले और सफेद रंग की कोशिकाएं होती है इन्हें इंटरमेडिन, एसीटिलकोलिन तथा एड्रीनेलिन नामक हार्मोन्स उत्तेजित करते हैं। colorful girgit
इसलिए जब तापमान कम होने लगता है, तो इनका रंग गहरा होने लगता है और जब तापमान बढ़ता है तो इनका रंग हल्का हो जाता है पेड़ पौधों पर चढ़ने वाले गिरगिटों में रंग बदलने का स्वभाव अधिक पाया जाता है इसी स्वभाव के कारण वे वनस्पतियों के वातावरण के अनुसार गिरगिट अपना रंग बदल लेते हैं,

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