Friday, 8 June 2018

भारत ने 'दुनिया, को दी है हैरान कर देने वाली ये 6 चीज़ें India has given 'the world', these six things to surprise

Related imageदोस्तो आप सब को ये तो पता ही होगा की दुनियाभर में भारत अपनी संस्कृति और पाक शैली के लिए जाना जाता है और अगर आबादी की बात करें तो ये देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश भी है. और इतना ही नहीं बल्कि भारत ने ही दुनिया को ऐसी बहुत सारी चीज़ें दी हैं जो लोगों की जीवनशैली को आसान ही बना देगी तो आज मे बात करूंगा ऐसी ही कुछ पांच चीज़ों की जो आप को पता नहीं होंगी चलिये जानते है इनके बारे मे। 

1 फाइबर ऑप्टिक्स Related image

क्या आप लोग ऐसी कोई दुनिया की कल्पना आज के वक़्त में कर सकते हैं जहाँ इंटरनेट या टेलीफोन न हो अगर वो नहीं होता तो शायद आप ये खबर भी अभी नहीं पढ़ रहे होते. फाइबर ऑप्टिक्स ने ही दुनियाभर में इंटरनेट, संचार और मेडिकल की दुनिया में एक क्रांति मचा दी है नरिंदर सिंह कपानी एक वैज्ञानिक थे. इन्हे ही फाइबर ऑप्टिक्स का जनक माना जाता है. इन्होने ही साल 1955 से 1965 के बीच कई टेक्निकल पेपर लिखे इनमे से एक पेपर साइंटिफिक अमेरिकन में भी छपा था और इसकी ही मदद से फाइबर ऑप्टिक्स को स्थापित किया जा सका था और है ये भारत की देन है |

2 सांप-सीढ़ी Image result for सांप सीढ़ी

आज के दौर मे जितने भी कंप्यूटर गेम्स हैं उन्हें भारत के सांप-सीढ़ी से ही प्रेरित किया जाता है. और मे आप को बता दु की ये भारतीय खेल इंग्लैंड में काफी लोकप्रिय हुआ था और इस खेल से हिन्दू बच्चों में मूल्य को सीखने के तौर पर देखा जाता है. इसमें सीढ़ियों को सदाचार और सांप को शैतान माना जाता है. और ये भी भारत की देन है। 

3 शैम्पू Related image

शैम्पू से आज के समय मे कोई भी व्यक्ति एसा नहीं होगा जो शैम्पू से बाल नहीं धोता होगा. शैम्पू से नहाने के बाद ही लगता है की हाँ अब ताज़गी अच्छी से है. और मे आप को बता दु की 15 वीं शताब्दी में पौधे पत्तियों से शैम्पू बनाया जाता था भारत में. ब्रिटिश काल के व्यापारियों ने इसे यूरोप पहुँचाया था और ये भी भारत की ही दें है। 

4 फ्लश टॉयलेट Related image

काफी सबूतों से ये पता चलता है की फ्लशिंग शौच की सुविधा सिर्फ सिंधु घाटी में ही थी. यही इलाका आज कश्मीर बना. यहाँ पर सीवेज काफी अच्छी स्थिति में है

5 यूएसबी पोर्ट Related image

यूएसबी जिसका मतलब यूनिवर्सल सीरियल बस पोर्ट है इसको इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को जोड़ने में मदद में लिया जाता है. और इसको बनाने वाले व्यक्ति का नाम अजय भट्ट है. साल 1990 में भट्ट और उनकी टीम ने जब इसपर काम शुरू किया तो कंप्यूटर की कनेक्टिविटी में ये एक अहम् फीचर बन गया. मगर इस खोजकर्ता को तब पहचान मिली जब साल 2009 में इंटेल का एक टेलीविज़न विज्ञापन आया और ये भी मेरे भारत की दें है

6 बल्ब Image result for बल्ब

बल्ब अगर आज बल्ब नहीं होता तो सायद बहोत कुछ नहीं होता बल्ब आज ज़िंदगी का हिस्सा बन गया है और ये भी हमारे भारत की ही देन है जिसे अंग्रेज़ो ने चुरा किया था। 

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