Sunday, 27 May 2018

इस राजकुमारी को मुहम्मद गोरी ने बनाया था दासी, आग में कूदकर दी थी जान

जैसा की आप सब जानते है की फिल्म पद्मावती रिलीज के पहले ही कई बड़े विवादों से घिर गई है। लोग इस फिल्म के साथ ही एक्ट्रेस का भी विरोध कर रहे हैं। रानी पद्मावती ने दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी से बचने के लिए कई और महिलाओं के साथ जौहर किया था। और रानी के इस बलिदान को आज भी राजपूत नमन करते हैं। और ऐसी ही एक कुर्बानी कन्नौज की राजकुमारी संयुक्ता ने दी थी। आपको बता दे की यह कहानी पृथ्वीराज चौहान के ग्रंथ 'पृथ्वीराज रासो' पर बेस्ड है।

ग्रंथ रंभा मंजरी में उल्लेख किया गया है कि संयुक्ता राजा जयचंद की दासी की पुत्री थी, और वहीं पृथ्वीराज रासो के मुताबिक वो जयचंद की बेटी थी जीवन इतिहास के पन्नों में कहीं भी यह नही लिखा हुआ है कि जयचंद की कोई बेटी भी थी। उनका एक लड़का था। संयुक्ता का उल्लेख सिर्फ पृथ्वीराज रासो ग्रंथ में ही लिखा है, और इसके लेखक चंद बरदाई थे। बता दे की बरदाई पृथ्वीराज के दरबारी कवि थे। और इन्हीं की मदद से ही अंधे होने के बाद पृथ्वीराज चौहान ने मोहम्मद गोरी का खात्मा कर दिया था।

ऐसी थी पृथ्वीराज और संयुक्ता की प्रेम कहानी

बता दे की संयुक्ता कन्नौज के राजा जयचंद की बेटी थी। और गोरी ने दिल्ली पर 17 बार हमला किया था, जिसमें से 16 बार वहां के राजा ने उसे पराजित कर दिया था। और उनकी इस वीरता ने ही संयुक्ता का मन मोह लिया था और बह पूरी तरहा से उसपर मोह गई थी।
एक दिन पृथ्वीराज चौहान का राजदरबारी अपने राजा की पेंटिंग लेकर कन्नौज गया संयुक्ता ने दिल्ली के राजा की वीरगाथा सिर्फ सुनी ही थी, कभी देखा नहीं था जब संयुक्ता ने बह पेंटिंग देखी तो वह पूरी तरह से उन पर मोहित हो गई।
फिर उसके बाद पन्ना रे संयुक्ता की पेंटिंग बनाकर पृथ्वीराज चौहान को दिखाने के लिए लेकर गया राजकुमारी की खूबसूरती को देखकर दिल्ली के राजा का दिल उनपर आ गया था।
और अब आपको बता दे की पृथ्वीराज और जयचंद की पहले से ही दुश्मनी थी। और इन दोनों के बीच पहले से युद्ध भी हो चुके थे, लेकिन फिर भी पृथ्वीराज और संयुक्ता की प्रेम कहानी परवान चढ़ रही थी।
फिर इसके बाद पृथ्वीराज राजकुमारी से मिलने एक सुरंग मे होकर कन्नौज तक जाता था। और यह भी कहा जाता है कि यह सुरंग आज भी मौजूद है, लेकिन अभी तक उसकी खोज कोई नहीं कर पाया है।
हम यह भी बता दे की संयुक्ता और पृथ्वीराज चौहान की प्रेम गाथा पर एक टीवी सीरियल बन चुका है। और यही नहीं, 1959 में 'सम्राट पृथ्वीराज चौहान' नाम की एक हिंदी और 1962 में 'रानी संयुक्ता' नाम से एक तमिल फिल्म भी बन चुकी है।

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